Thursday, 22 January 2026

पितरों को भूत-पिशाच योनि से मुक्ति दिलाने का श्रेष्ठ उपाय, जानिए विधि


 Jaya Ekadashi 2026 इस साल 29 जनवरी, गुरुवार को है। यह दिन पितरों के पुण्य और मोक्ष के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, जया एकादशी पर किए गए व्रत और पूजा से पितरों को भूत-पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है और उनकी आत्मा तृप्त होती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन पितरों को भूत-पिशाच योनि में जन्म लेना पड़ा हो, वे अपने संतान की सेवा और पूजा से मुक्ति की आशा रखते हैं। अगर पितरों की तृप्ति नहीं होती, तो उनके प्रकोप से परिवार में असाध्य रोग, धन संकट, काम में असफलता और सदस्यीय परेशानियां आती हैं।

जया एकादशी व्रत का महत्व पद्म पुराण में वर्णित है। युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से इसका महत्व पूछा था। श्रीकृष्ण ने बताया कि जया एकादशी का व्रत करने से जीवों को भूत, प्रेत और पिशाच जैसी योनियों से मुक्ति मिलती है। विधिपूर्वक व्रत रखने वाले व्यक्ति को भगवान श्रीहरि का आशीर्वाद मिलता है, उनके पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जया एकादशी पर व्रत, पूजा और पितरों को तर्पण करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और पितरों की आत्मा शांति प्राप्त करती है। यह दिन अपने पितरों के कल्याण और आध्यात्मिक लाभ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

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